बिना प्रेम के क्या जी पाओगे?

धर्म ही एकमात्र समाधान है, खासकर आजकल की समस्याओं का। अध्यात्म के अलावा और कोई समाधान नहीं है विश्व के सामने जो आज़ बड़ी से बड़ी समस्याएँ खड़ी हैं उनका।

दुनिया के सामने जो सबसे बड़ी समस्याएँ खड़ी हैं वो हैं — उपभोग की।

चाहे बायोडाइवर्सिटी लॉस (जैव विविधता हानि), क्लाइमेट कैटॉस्ट्रफ़ी (जलवायु तबाही) हो, इनका मूल कारण क्या है? उपभोग।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org