बहता पानी निर्मला

बहता पानी निर्मला, बंधा गंदा होये | साधु जन रमता भला, दाग न लागे कोये ||

वक्ता: बहने से क्या तात्पर्य है? रुकने से क्या तात्पर्य है?

जिसे हम जीवन कहते हैं वही बहना है, वही बहाव है, वही प्रवाह है| लगातार कुछ हो रहा है, लगातार गति है| समय बह रहा है, एक धारा है जो अभी है, वो तत्क्षण नहीं है, यही बहना है| बहने का अर्थ ही है- न होना| बहने का अर्थ है- जब तक आप कहें की है, तब तक ही उसका होना असत् हो जाए, अब वो…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org