बच्चा पैदा करने के बाद अपराध भाव

प्रश्नकर्ता: मेरे दो बच्चे हैं — आठ वर्ष और दो वर्ष के। जबसे आपको सुनने लगा हूँ, धीरे-धीरे समझ में आने लगा है कि मुझे दूसरा बच्चा नहीं करना चाहिए था। शायद पहला बच्चा भी करने की कोई ज़रूरत नहीं थी। अब मुझे जलवायु-परिवर्तन के कारण दुनिया के भविष्य की और इन बच्चों के भविष्य की भी बड़ी चिंता होती है। ऐसा एहसास होता है जैसे मैं कोई पाप ही कर बैठा हूँ। मदद करें।

आचार्य प्रशांत: देखिए, दो बातें समझनी होंगी। मैं बार-बार कहा करता हूँ कि अब पृथ्वी के पास गुंजाइश बची नहीं है कि वो एक भी अतिरिक्त आदमी का बोझ सहर्ष स्वीकार कर सके। पृथ्वी पर मानवों की आबादी करीब आठ-सौ करोड़ हो रही है। ये…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org