बचपन से ही पीते हो प्रभावों की घुट्टी

प्रश्न: आचार्य जी, ये घटना मेरे साथ घट चुकी है, वो बता रहा हूँ। एक बार मैं अपने घर, लखनऊ जा रहा था। तो एक माँ और उनके साथ एक बहुत छोटा बच्चा बैठा था। मैं उनके पास ही बैठा था। रास्ते में एक पेड़ पड़ा, उस पर कुछ बंदर बैठे हुए थे। तो उन्होंने बहुत प्यार से बोला, देखो वो बन्दर बैठा है पेड़ पर। तो मैंने सोचा, इतना छोटा बच्चा है, अभी से क्या मतलब सिखा रही हैं!

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org