फ़िल्में, टीवी, मीडिया, और आज का पतन

प्रश्नकर्ता: आज के समय में व्यक्ति के पतन में फ़िल्मों और टेलीविज़न की बहुत बड़ी भूमिका नजर आती है। कृपया इस विषय पर कुछ कहें।

आचार्य प्रशांत: बस एक चीज़ है जो अध्यात्म की सबसे बड़ी दुश्मन है, वो है — प्रचलित संस्कृति। और प्रचलित संस्कृति का वर्तमान में सबसे बड़ा वाहक है — सिनेमा। तुम्हें जो भी कुछ सिखा रहा है, यकीन मानो वो सिनेमा सिखा रहा है। और ये भी मत कह देना कि, “सिनेमा तो समाज का दर्पण है तो…

--

--

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

Love podcasts or audiobooks? Learn on the go with our new app.

Get the Medium app

A button that says 'Download on the App Store', and if clicked it will lead you to the iOS App store
A button that says 'Get it on, Google Play', and if clicked it will lead you to the Google Play store
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org