प्रेम क्या होता है?

प्रेम का मतलब है कि जिसके साथ हो उसकी आँखें खोल दो और जिसके साथ हो, उसकी आँखें खोलने के लिए अगर जान भी देनी पड़े तो दे दो।

आँखें खोलने का क्या मतलब है? उसको धर्म की तरफ भेज दो।

प्रेम का जो वास्तविक अर्थ है वो आध्यात्मिक है। तुम जिसके साथ हो, उसको अध्यात्म की दिशा भेज दो।

वो खुद को जानने लगे, मन को समझने लगे, यही प्रेम है।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org