प्रेम का नाम, हवस का काम

प्रेम का नाम, हवस का काम

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, चार साल से एक लड़के के साथ संबंध में हूँ। हम एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं, पर प्यार के साथ रिलेशनशिप (सम्बंध) में रोमांस और इंटिमेसी (अंतरंगता) भी आते हैं। आज इतने सालों में उसको देखती हूँ तो दिखता है कि उसे तो सिर्फ फिजिकल लव (शारीरिक प्यार) ही चाहिए। शरीर से आगे वो कुछ देखता ही नहीं, मैं थक गई समझा समझाकर। मैं फँस-सी गई हूँ। प्यार तो मुझे भी चाहिए उससे पर सिर्फ देह वाला नहीं। मैं उसे दूर नहीं कर सकती क्योंकि उससे…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org