पूर्ण जीवन, पूर्ण मृत्यु!

पूर्ण जीवन, पूर्ण मृत्यु!

द वायलेंट एंड स्ट्रांग डू नॉट डाई देयर नेचुरल डेथ।

आइ विल मेक दिस द बेसिस ऑफ़ माई टीचिंग।

लाओ त्सु

आचार्य प्रशांत : तरीके हैं लाओत्सु के। द वायलेंट वन कैननॉट हैव अ नैचुरल डेथ।

वायलेंस , हिंसा का अर्थ है — चाहना। जहाँ काम है, वहाँ क्रोध है। जब अर्जुन पूछता है कि ये सब भ्रम आ ही कहाँ से रहे हैं? तो कृष्ण कहते हैं, “कुछ नहीं है, काम है, जिसने…

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org