पशुओं के प्रति हिंसा

गाय बहुत प्यारा पशु है, भोला-भाला, किसी को नुक्सान नहीं पहुँचाती है गाय। गाय की रक्षा की जानी चाहिए ठीक वैसे, जैसे सब जीवों की रक्षा की जानी चाहिए, लेकिन हम गाय के साथ बड़ा अन्याय करते हैं। अन्याय यहाँ यह है कि हम कहते रहते हैं कि गाय का दूध विशेष है और अब हमने उस अन्याय में एक चरण और जोड़ दिया ये यह कहकर की दूध ही नहीं, मूत्र भी विशेष है।

गाय बेचारी ने बड़ा ख़ामियाज़ा भुगता है इस तथाकथित विशेषता का, जैसे कि ये काफी नहीं था…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org