पत्नी पर शक और निगरानी

सबसे पहले अपना ज्ञान करना होता है। संदेह किस पर हो रहा है उसकी बात नहीं है, संदेह करने वाला कौन है उसकी बात है।

जब तुम खुद को नहीं जानते, तुम्हें शायद यही नहीं पता कि तुमने शादी की क्यों है, तो तुम अपनी पत्नी को लेकर के आश्वस्त कैसे रह सकते हो?

इसी तरह से ज़्यादातर पत्नियाँ भी अपने पतियों को लेकर आश्वस्त नहीं रहती क्योंकि उनको पता ही नहीं है कि उनकी ज़िंदगी में यह व्यक्ति कर क्या रहा है। यूँ ही…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org