पति-पत्नी को साथ रहना ही है, तो ऐसे रहें

प्रश्नकर्ता: जब मैं आपको नहीं सुनता था तो ऐसा सोचता था कि जो माता-पिता शादी करवाते हैं वह कुदरती घटना है। क्योंकि हम जन्मे वह कुदरती और जो समाज में शादी हुई वह भी कुदरती और जो लव मैरिज करते हैं वह आर्टिफिशियल है लेकिन आपको सुनते-सुनते ऐसा लगा की लव मैरिज कुदरती है और जो समाज में शादी होती है वह आर्टिफिशियल लगती है। मैं जब आपको नहीं सुनता था तभी मेरी शादी और सब हो गया था। यह मेरी धर्मपत्नी हैं।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org