न जानने में बड़ा जानना है

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते ।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।।

ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ।

~ शांतिपाठ, ईशावास्य उपनिषद्

प्रश्नकर्ता: सर, आप जब अभी शांति मंत्र समझा रहे थे — “पूर्ण मदः पूर्ण मिदं” (पूर्ण से ही पूर्ण आया है) तो एक प्रत्युत्तर तर्क चल रहा था मेरे मन में कि क्या ये तार्किक पूर्ती नहीं कर दी गयी है अंतिम प्रश्न…

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org