न ऊर्जा न शक्ति, तुम सद्बुद्धि माँगो

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, शरीर और ब्रह्मांड एक ही ऊर्जा से बने हैं, तो इस शरीर में हम वो परम ऊर्जा कैसे महसूस करें?

आचार्य प्रशांत: थोड़ी-सी ऊर्जा बढ़ जाती है तो थर्मामीटर लेकर दौड़ते हो! और ब्रह्मांड की परम ऊर्जा तुम्हारे शरीर में आ गई तो क्या करोगे? अंटार्कटिका में जाकर लोटोगे? वहाँ की भी सारी बर्फ़ पिघल जाएगी अगर ब्रह्मांड की ऊर्जा तुम्हारे शरीर में आ गई, तो? क्यों ऐसे सवाल पूछ रहे हो? हमारी तो ऊर्जा…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org