नींद से उठने में थोड़ा कष्ट तो होगा

आचार्य प्रशांत: सूरज का निकलना रात की मौत है, तो क्या सूरज नहीं निकले?

रोशनी का आना, अँधेरे की मौत है। तो क्या रोशनी न आये? दवाई का खाना, बैक्टीरिया और वायरस की मौत है। तो क्या दवाई न खाई जाये? जवानी का आना, बचपन की मौत है। तो क्या जवानी न आये?

प्रश्नकर्ता: सर, जैसे आपने अभी बैक्टीरिया की बात की, तो वो भी अपने बारे में सोच रहे हैं और हम भी अपने बारे में सोच रहे हैं। तो क्या इसका…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org