नियत कर्म क्या है? गृहस्थी अध्यात्म में कब बाधा बनती है?

नियत कर्म क्या है? गृहस्थी अध्यात्म में कब बाधा बनती है?

नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते।
मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः।।

नियत कर्म का त्याग उचित नहीं है।
मोह के कारण नियत कर्म का त्याग ही तामस कहा गया है।

— श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय १८, श्लोक ७

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org