‘ना’ बोलने में झिझक

प्रश्नकर्ता (प्र): आचार्य जी, जब कोई कुछ बोलता है, तो न चाहते हुए भी ‘ना’ नहीं बोल पाता हूँ।

आचार्य प्रशांत (आचार्य): ‘ना’ तो तुम बोलते हो, ऐसा तो नहीं है कि ‘ना’ नहीं बोल पाते।

ऐसा नहीं है। ‘ना’ तो हम बोलते हैं, वहाँ हमारा गणित होता है। हमें अच्छे से पता है कहाँ ‘हाँ’ बोलनी है और किस सीमा के बाद ‘ना’ बोल देना है। ऐसा नहीं है कि हम ‘ना’ नहीं बोल पाते। तुम्हारा सवाल यह नहीं होना चाहिए कि — “मैं ना क्यों…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org