ध्यान की सबसे उत्तम विधि क्या?

प्रश्नकर्ता: जब ध्यान राम के पास नहीं होता, तो उस समय नहीं पता चलता, बाद में होश आता है। कैसे हर पल पता रहे कि ध्यान कहाँ है?

आचार्य प्रशांत: एक छोटी सी कहानी सुनाऊँगा, अच्छा प्रश्न है। मैं कॉलेज में था तो ऐसा बहुत होता था कि जो लोग एक खेल में पारंगत थे वो आसानी से दूसरे खेल को भी सीख लेते थे। खासतौर से गेंद और बल्ले का जो खेल हो, और बहुत सारे खेल होते हैं अलग-अलग, जिनमें एक गेंद होती है और एक बल्ला होता है।…

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org