ध्यान करने बैठते हैं तो मन भटकने क्यों लग जाता है?

प्रश्न: ध्यान करने बैठते हैं तो मन भटकने क्यों लग जाता है? क्या किया जाए कि ध्यान बना रहे?

आचार्य प्रशांत: उन विषयों में चले जाइए और देखिए कि उनमें ऐसा क्या ख़ास है कि आप आकर्षित हो जाते हैं।

वो विषय ही तो आपका जीवन हैं, उन्हीं में ज़िंदगी गुज़ार रहे हो चौबीस घंटे। वही विषय आप पर हावी हैं, वही विषय आपकी पूरी ज़िंदगी संचालित कर रहे हैं। तो ज़ाहिर-सी बात है…

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org