धर्म के नाम पर जानवरों की हत्या

आदमी बड़ा करामाती जीव है। कुछ रच पाने की उसकी हैसियत हो ना हो, विध्वंस की उसकी क्षमता लाजवाब है। उलझन को सुलझा वो भले ना पाता हो पर सीधी सरल बात को भी उलझा लेने में उसका कोई सानी नहीं। कोई ग्रन्थ नहीं है, कोई शास्त्र नहीं है जो कहता है कि जानवर को मारोगे तो उससे तुम्हें आध्यात्मिक तल का कोई लाभ हो जाना है। इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि पशु बलि से किसी भी तरह का कोई लाभ हो सकता है। कहीं-कहीं पर बात की गई है अजमेध, अश्वमेध इत्यादि की।…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org