धन की क्या महत्ता है?

धन अकस्मात नहीं आ जाता।

धन आता है उसके पास जो दुनिया को समझता है।

धन कमाना एक कला है, जो माँग करती है कि आपमें जगत के दाँव-पेंचों की समझ हो। जो दुनिया को नहीं जानता, वो दुनिया में धन नहीं कमा सकता। और ‘दुनिया को जानने’ का अर्थ होता है — मन को जानना।

एक अच्छा व्यापारी, एक चतुर व्यापारी, बड़ी सहजता से अध्यात्म में प्रवेश कर जाएगा, क्योंकि उसने मन को जाना है। वो जानता है कि…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org