दूसरों पर निर्भर गृहस्थ महिला कैसे बढ़े मुक्ति की ओर?

दो वर्ग के लोगों के लिए बड़ी समस्या है: एक वो जो बेरोज़गार हैं, और दूसरी, माफ करिएगा, गृहणियाँ — ख़ासतौर पर जो आश्रित गृहणियाँ हैं, जो कुछ कमाती-धमाती नहीं। इनको सबसे बड़ी सज़ा और बड़ी दुःखदायी सज़ा ये मिलती है कि इनका अध्यात्म की तरफ बढ़ने का रास्ता बिल्कुल रोक दिया जाता है।

कोई और कारण हो नहीं सकता कि आपको पूछना पड़े कि — “गृहस्थ में रहते हुए भी अध्यात्म की ओर कैसे बढूं…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org