दूसरों की मदद करने की ज़रूरत क्या है?

ऐसी आध्यात्मिकता जिसमें सामाजिक चेतना सम्मिलित न हो, एक धोखा है, हिंसा है। बहुत लोग घूम रहे हैं जो कहते हैं कि — “हम आध्यात्मिक हैं, हमें दुनिया से क्या लेना-देना। दुनिया में आग लगती हो तो लगे।” इनका अध्यात्म पूरी तरह झूठा है। आध्यात्मिक उन्नति होगी तो तुम में करुणा उठेगी ही उठेगी। ये कौन-सा बोध है, जिसके साथ करुणा नहीं सन्निहित? ये कौन-सा अध्यात्म है जो कहता है कि — “अपना शरीर चमका लो, तमाम तरह की योगिक क्रियाएँ कर लो, हमें…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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