दारू और चिकन वाला बाज़ार (एक राज़ है वहाँ)

आचार्य प्रशांत: टीवी पर लिसियस और इस तरह की कंपनियाँ हैं वो अब सीधे-सीधे बच्चों का इस्तेमाल करके लोगों को माँस खाने की ओर ललचा रही हैं।

जो हिंदुस्तानियों के पसंदीदा फिल्मी कलाकार हैं वो इन कम्पनियों के विज्ञापन में काम कर रहे हैं और वो विज्ञापन हर घर में दिखाए जा रहे हैं, सिर्फ एक दिन नहीं, साल भर और सिर्फ एक समुदाय के घर में नहीं, हर समुदाय के घर में दिखाए जा रहे हैं।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org