त्योहारों को मनाने का सही तरीका क्या?

होली का वास्तविक अर्थ जानो, दीवाली का वास्तविक अर्थ जानो, जानो कि ईद माने क्या। और उन अवसरों को उनके सच्चे अर्थ के साथ मनाओ। इतना ही नहीं, मैं तो कह रहा हूँ कि तुम्हारे अपने निजी उत्सव भी होने चाहिए।

आवश्यक थोड़े ही है कि तुम समाज स्वीकृत उत्सवों तक ही अपने आप को सीमित रखो। ये बात तो तुम्हारी निजी भी है न। भीतर कृतज्ञता उठी, उपकृत अनुभव कर रहे हो, वो त्योहार हो गया तुम्हारे लिए। कैलेंडर देखने की…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org