तुम्हारी खातिर झुक गया कोई

ओशो ने कई बार यह बात स्वयं कही है कि तुम्हें आकर्षित करके अपनी तरफ बुला रहा हूँ, आकर्षित नहीं करूँगा तो तुम मेरी तरफ आओगे नहीं और जिसको आप आकर्षित कर रहे हो उसे उसके मन के अनुसार ही तो आकर्षित करना पड़ता है।

ओशो यह जानते थे कि लोग कैसे होते हैं, लोगों के मन कैसे होते हैं और लोग किस बात से लोभित होते हैं।

ओशो के तरीके व्यवहारिक थे, उनके माध्यम से जितने लोगों को प्रकाश मिला उतना किसी और से नहीं

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org