डिप्रेशन (अवसाद) से मुक्ति पानी है तो पुराने जीवन से मुक्ति पाओ

स्वयंसेवकः दिल्ली से 26 वर्षीय टीपू हैं; उनकी समस्या कम शब्दों में यही है कि लगभग 5 वर्षों से अवसाद से पीड़ित हैं और दवाइयों पर रहे हैं। कह रहे हैं कि — जब-जब दवा छूट जाती है तब तक बेहतर महसूस करता हूँ पर कुछ समय बाद दवा की जरूरत फिर से मुझे होती है। मैं दवा छोड़कर जीना चाह रहा हूँ लेकिन छोड़ नहीं पा रहा हूँ। आप के वीडियो सुनने में लगभग एक साल से बहुत रस आ रहा है, कृपया मार्गदर्शन दें।

आचार्य प्रशांतः दवा छोड़कर वैसे ही जिओगे जैसा तुम दवा के साथ जीते हो; तो दवा की जरूरत फिर से पड़ेगी। जैसी तुम ज़िंदगी जीते हो उस ज़िंदगी…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org