डर का मूल कारण

तुम कभी किसी व्यक्ति से नहीं डरते, कोई व्यक्ति तुम्हें कभी भी डरा नहीं सकता।

तुम डरते हो अपनी सुविधाएं छिन जाने से। तुमने एक सौदा कर रखा है कि हमें कुछ चंद छोटी-मोटी सुविधाएं दे दो और उनके लिए हम अपनी स्वतंत्रता तुम्हें दे देते हैं। यही कारण है कि तुम डरे हुए हो, वरना तुम्हें कोई कैसे डरा सकता है?

तुम डरते इसलिए हो, क्योंकि तुम्हारे पास जो कुछ है, वो किसी और का दिया हुआ है। तुमने व्यापार करके लिया है, और

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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