ठंड रख!

सभी समस्याओं से एक झटके में मुक्ति
रामबाण सूत्र
ठंड रख!

आचार्य प्रशांत: एक सीमा से ज़्यादा तनाव सहने की आदत ही नहीं होनी चाहिए।

“थोड़ा बहुत चलेगा, ज़्यादा करोगे तो हम सो जाएँगे।”

‘सो जाएँगे’ माने ग़ायब हो जाएँगे।

ये जीवन जीने का एक तरह का तरीका है, एटिट्यूड (रवैया) है।

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org