झूठा होश

प्रश्न: आचार्य जी, ‘झूठा होश’ का क्या अर्थ होता है?

आचार्य प्रशांत: हम जिसको ‘होश’ कहते हैं वो क्या है? आप जब कहते हो कि आप ‘होश’ में आ गए, तो आप किस स्थिति की बात कर रहे होते हो? रात में आप सो रहे हो। जब आप सो रहे हो तो आपका दावा नहीं है कि आप ‘होश’ में हो। सुबह आँख खुलती है और आप कहते हो? कि मैं ‘होश’ में आया। ये सुबह आँख का खुलना आपको किस स्थिति में ले आता है? क्या शुरू हो जाता है आपके साथ?

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org