झूठा सपनों का महल, झूठा सन्यास का आश्रम

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी प्रणाम, मेरा नाम विक्की है, युवा हूँ। मैंने घर की आर्थिक स्थिति के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ दी और मैं तीन साल से मल्टी लेवल मार्केटिंग व्यापार में हूँ। मुझे सब कुछ अपने ही दम पर करना है, समृद्ध बनना है। मेरे मित्र नौकरी छोड़कर ध्यान में लग गए हैं। मुझे जानना है कि मैं सही हूँ या गलत कर रहा हूँ।

आचार्य प्रशांत: मित्र आप की कहानी में कहाँ से आए? तुम मल्टी लेवल मार्केटिंग में हो…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org