झट से माफ़ी माँग बच निकलते हो

माफ़ी माँगना बहुत बड़ा धोखा है। माफ़ी मांगने से तुम सामने वाले को बता रहे हो कि तुम्हारे सामने दो विकल्प थे: चोट पहुँचना और नहीं पहुँचना, लेकिन मैंने चोट पहुंचाई और इसीलिए अभी मैं माफ़ी मांग रहा हूँ कि मैंने गलत किया।

लेकिन तुम झूठ बोल रहे हो क्योंकि चोट पहुँचाने के अलावा और तुम कुछ कर ही नहीं सकते थे।

माफ़ी मांग कर आप यह जताना चाहते हैं कि आदमी तो मैं अच्छा हूँ लेकिन उस वक़्त धोखे से गलती हो…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org