जैसे तुम वैसे तुम्हारे रिश्ते

रिश्ता तुम्हारा कैसा है ये तो सीधे-सीधे इसी बात पर निर्भर करता है कि तुम कैसे हो। जैसे तुम होगे तुम्हारे सारे रिश्तों की गुणवत्ता वैसी ही होगी। अगर मैं हिंसक हूँ तो मेरा चिड़िया से रिश्ता कैसा होगा? हिंसा का। और अगर मैं हिंसक हूँ तो मेरा मेरे बच्चे के साथ कैसा रिश्ता होगा? हिंसा का।

आप सुधर जाइए आपका रिश्ता ठीक हो जाएगा, अगर आप सुधर जाएंगे आपका सिर्फ़ एक ही रिश्ता ठीक नहीं होगा, सारे रिश्ते एक साथ ठीक हो जाएंगे।…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org