जानवरों के प्रति व्यवहार, और आपके मन की स्थिति

जानवर से प्यार तो तब होगा न जब पहले आपका मन साफ़ हो। हम तो ख़ूब जानवरों से प्यार करते हैं। अभी-अभी सुबह, हम जा रहे थे, तो एक मकान के सामने रुके, वहाँ एक आदमी था, उसे अपने कुत्ते से बहुत प्यार था। तो हम जिसको प्यार करते हैं उसके साथ क्या करते हैं?

उसके गले में पट्टा बाँध देते हैं। आपको जिससे जितना प्यार होगा, आपने उसको उतना बड़ा कुत्ता बनाया होगा। और ‘कुत्ते’ से मेरा अर्थ वो कुत्ता…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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