जानवरों का बंध्याकरण कितना जरूरी है?

प्रश्न: पशुओं का परिवार नियोजन कैसे करें, और क्या नियोजन करना सही है?

आचार्य प्रशांत: प्रकृति इस बात से बिलकुल सरोकार नहीं रखती कि तुम्हारे जीवन की गुणवत्ता क्या है। उसको सरोकार बस इस बात से होता है कि — जीव कितने हैं? जीवन की गुणवत्ता क्या है, इससे प्रकृति को सरोकार नहीं है। उसे सरोकार है कि — जीव कितने हैं?

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org