जवानी जलाने का पूरा और पक्का इंतज़ाम

आचार्य प्रशांत: (प्रश्न पढ़ते हुए) “नाम तो मेरा लक्की है पर मैं बहुत अनलक्की हूँ। मैं पिछले नौ साल से यू.पी.एस.सी. की तैयारी कर रहा हूँ। चार बार फ़ेल हो चुका हूँ, नौ साल से घर से बाहर हूँ और अब घर लौटने में डर लगता है। यू.पी.एस.सी. के अलावा भी सारे एग्ज़ामस (परीक्षाएँ) दे चुका हूँ, उनमें से एक भी एग्ज़ाम (परीक्षा) नहीं निकला। अब तो कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) इतना कम हो गया है कि क्लर्क (लिपिक) का एग्ज़ाम (परीक्षा) भी नहीं निकल रहा, उम्र तीस हो गई है, पंद्रह-बीस लाख रुपया खर्च हो गया है। सबको लगता है कि मैं कोई बड़ा एग्ज़ाम (परीक्षा) निकालूँगा, पर मुझसे हो नहीं रहा। मेरी असफलताओं के कारण मेरी…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org