जब सत्य और माया दोनों आकर्षक लगें

प्रश्नकर्ता: सत्य और माया, दोनों अच्छे लगते हैं। बहुत चंचलता होती है। कोई उपाय बताएँ।

आचार्य प्रशांत: एक माया बुरी लगती है, एक माया अच्छी लगती है — ये मत कहो कि सत्य भी अच्छा लगता है और माया भी अच्छी लगती है। सत्य के सामने बुरा लगना ठहर सकता है, बंद हो सकता है, वो एक बात है, और सत्य अच्छा लगता है, ये बिल्कुल दूसरी बात है।

सत्य वो है जिसके सामने, जिसे अच्छा लगता है और जिसे बुरा

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org