जग को साफ़ जानने के लिए मन साफ़ करो

सवाल यह है कि कैसे जानूं कि सच्चा दोस्त कौन है, नकली कौन है, कौन मेरे सामने मुखौटा लगा कर खड़ा हुआ है? मैं पूछ रहा हूँ कि जानने वाला कौन है? इन सब का निर्धारण करने वाला कौन है? ‘मैं जानना चाहता हूँ कि मेरे जीवन में कौन असली है और कौन नकली है’ ये जानेगा कौन? मैं ही तो जानूंगा न? अपने ही मन से जानूंगा, अपने ही दृष्टि से देख कर। अगर मेरी ही आँख साफ़ नहीं है, तो क्या मैं दूसरों को साफ़-साफ़ देख पाऊँगा?

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org