घरेलू हिंसा, बलात्कार, और वीरता भरा विरोध!

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, किसी के साथ कुछ गलत हो रहा है, तो अध्यात्म से कैसे उसे रिलीफ(राहत) मिल सकता है?

आचार्य प्रशांत: राहत मिलने की बात क्या है, अगर कुछ ग़लत हो रहा है तो उस वक्त जितनी भी आपकी सामर्थ्य है, अधिकतम वो करिए।

अगर आप अधिकतम वो कर रही हैं जो आपकी सामर्थ्य है, तो उसके बाद दुःख नहीं रह जाता। आपने जब अपने आपको पूरा झोंक दिया तो फिर आपने उसको भी झोंक दिया

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org