गुस्से में चीखने-चिल्लाने की समस्या

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, मैंने बचपन से ही देखा है कि यदि कोई लड़ाई हो जाती है, तो लोग चिल्लाकर बात करते हैं, और साबित करने में लग जाते हैं कि हम सही हैं। घर में अगर मेरी भी किसी से लड़ाई हो जाती है, तो मैं भी वैसी ही हो जाती हूँ। पर बाद में मुझे एहसास होता है कि मैं सही नहीं कर रही हूँ। मगर फिर भी यह आदत नहीं जा रही है। क्या करूँ? कुछ समझ नहीं आता।

--

--

आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org