गुरु की पहचान क्या?

गुरु की पहचान ही क्या है? “जो मुक्ति दिला दे सो गुरु”। अगर मुक्ति लक्ष्य नहीं है तो आपको कैसे पता कि आप किस सद्गुरु की सेवा कर आए? बहुत सद्गुरु घूम रहे हैं। सद्गुरु तो अब सस्ता शब्द हो गया है, जिसको देखो वही अपने नाम के साथ लगा रहा है। आपको पता कैसे चलेगा कि आप किसकी सेवा कर आए? सद्गुरु की पहचान ही कैसे करोगे?

इरादा आपका नेक है कि “सद्गुरु की सेवा करो, मुक्ति अपने आप मिल जाएगी”। सुनने में बात अच्छी लगती है लेकिन बात में पेंच…

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रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

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