गीता में कृष्ण के अनेकों नाम

गीता में कृष्ण के अनेकों नाम

आचार्य प्रशांत: हम सबके भीतर, हम कितना भी छुपा लें, पर होता है कोई जो सत्य को छोड़ नहीं सकता। हम स्वयं को कितना भी भ्रम में रख लें, एक तल पर सच्चाई हम सबको पता होती है। वास्तव में अगर सच्चाई पता ना हो तो स्वयं को भ्रम में रखने का कोई औचित्य भी नहीं है।

तो शंखनाद होता है दोनों सेनाओं की ओर से और संजय बताते हैं कि शंखनाद में विशेषतया धृतराष्ट्र के पुत्रों के, कौरवों के हृदय में हलचल कर दी, मन उनके कंपित हो गए, हृदय…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org