गहरी समस्या का सतही इलाज जानलेवा होगा

आध्यात्मिकता खतरनाक हो जाती है जब वह अहंकार को बचाती है।

आध्यात्मिकता तब बहुत खतरनाक हो जाती है जब बीमारी को जड़ से नहीं काटती, मूल यदि नहीं कट रहा तो वो काटना सफल नहीं होगा।

शांति, आनंद भले ही अनुकम्पा से मिलते हों लेकिन दैनिक जीवन में आप जो कर रहे हैं और उसमें जो अनुचित है उसको त्यागना शुरू करें। अनुकम्पा अपना काम खुद करेगी उसकी परवाह न करें पर आप जिन माध्यमों से अनुकम्पा…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org