खतरनाक‌ ‌हैं‌ ‌स्त्रियाँ‌

प्रश्नकर्ता: उस तक जाने का रास्ता वही बताए, उसी ने शायद मुझे आपसे मिलवा भी दिया। साक्षात्कार के दौरान आपने कुछ ग्रंथों के पढ़ने के लिए कहा था जिनमें अष्टावक्र गीता, विवेक चूड़ामणि मुख्य थे। उनका पठन मैंने कर लिया है और आजकल रामकृष्ण परमहंस जी की कथामृत पढ़ रही हूँ। कबीर ग्रंथावली के भी कुछ अंश पढ़े हैं। यूँ तो इन ग्रंथों को पढ़ने के बाद, जो जिज्ञासु मन है वह शांत ही है। इधर-उधर के प्रश्न नहीं कर रहा है। पर एक प्रश्न है जो हमेशा से मेरे लिए…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org