क्रिकेट हो या जीवन, जीतने के लिए ही मत खेलो

जीतने के लिए मत खेलो। ये बात सुनने में अजीब लगेगी क्योंकि खेल का तो उद्देश्य ही जीतना बताया गया है हमें।

तुम खेलो वो सर्वश्रेष्ठ कर सकने के लिए, जो तुम कर सकते हो।

और जो सर्वश्रेष्ठ तुम कर सकते हो, वो जीतने से ज़्यादा ऊपर की बात है।

जीत उसके सामने छोटी चीज़ है।

तुम अपना सर्वश्रेष्ठ करो, उसके बाद तुम जीते तो जीते

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org