क्या शक्ति ही शिव का द्वार हैं?

आचार्य प्रशांत: विष्णु भगवान सो रहे हैं। तो इनके कानों के मैल से दो असुर पैदा हो गए, मधु और कैटभ। इन्होंने बड़ा उत्पात मचाया। और ये ब्रह्मा को मारने को तत्पर हो गए, बोले कि मारेंगे ब्रह्मा को। और लगे हैं पीछे ब्रह्मा के, ब्रह्मा वहाँ से भागे कि यह क्या हुआ, यह क्या विपत्ति आयी? विष्णु के पास आए, देखा कि वो सो रहे हैं। तो ब्रह्मा समझ गए कि विष्णु नहीं उठेंगे, कोई विशेष बात ही है जो इन्हें सुलाये हुए हैं। विष्णु अपनी योग निद्रा में हैं। तो तब उन्होंने महामाया का स्तवन किया, स्तुति की और बोले कि आप से ऊँचा कौन हो सकता है! आप जो स्वयं भगवान को भी सुला सकती हैं, आपकी मैं स्तुति भी कैसे करूँ! मैं ऐसा क्या…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org