क्या राष्ट्रवाद हिंसक है, और सेना हिंसा का माध्यम?

स्वयंसेवी: अनिल ठाकुरी और अनिकेत तमराकर से दो अलग-अलग प्रश्न हैं, जिनको संयुक्त कर दिया गया है। कह रहे हैं कि हाल में आपका वीडियो सुना, शीर्षक था: “वेदान्त के ज्ञान से, सेना के सम्मान तक”। मेरे मन में कई प्रश्न उठ रहे हैं। पहला, देशों की और जमीन के भौगोलिक बंटवारे की जरूरत क्या है? इन बंटवारों का कारण और परिणाम सेनाएं हैं, और फिर युद्ध होते हैं, जिनमें ना जाने कितने लोग मारे जाते हैं, और संसाधनों का…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org