क्या भारत अपने सिद्धांतों के कारण पड़ोसी देशों से पिछड़ गया?

सच की निशानी होती है साहस। और जो साहसी है वो हार नहीं सकता। ये नाता तो आप जोड़ ही मत दीजिएगा कि जो सच्चा होता है वो कमजोर हो जाता है और हारने लग जाता है। मैं कह रहा हूँ जो आदमी सच्चा है वो मर तो सकता है पर हार देखने के लिए जिंदा नहीं बचेगा।

जिस सदेश का सबसे बड़ा और सबसे मान्य धर्मग्रन्थ ही कहता हो कि अर्जुन तू तो लड़ और ये सोच मत कि अंजाम क्या होगा। वो देश हार…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org