क्या गीता तब भी उतनी ही प्रचलित होती यदि अर्जुन युद्ध हार जाता

प्रश्नकर्ता: गीता में अर्जुन किस वजह से युद्ध जीते? और अगर हारते तो भी क्या गीता का महत्त्व उतना ही रहता जितना आज है?

आचार्य प्रशांत: कृष्ण अर्जुन को कभी भी जीतने का भरोसा नहीं दिला रहे हैं, बल्कि कृष्ण तो अर्जुन को जीत और हार का विचार ही न करने को कह रहे हैं। ऐसा उन्होंने बिल्कुल नहीं कहा कि ज़रूर लड़ो क्योंकि मैं तुम्हारे साथ हूँ तो विजय निश्चित है। वो कह रहे हैं कि लड़ो क्योंकि इस वक़्त लड़ना ही धर्म है तुम्हारा। गीता का महत्व इसमें बिल्कुल भी नहीं है कि कृष्ण के समर्थन या मार्गदर्शन से अर्जुन विजयी हुए। बात जीत या हार की…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org