कम आमदनी के कारण लड़कीवालों और रिश्तेदारों के सामने शर्मिन्दगी

तुम्हें दुख ये नहीं हो रहा है कि उन्होंने तुम्हारी आमदनी के माध्यम से तुमको परखा, तुम्हें दुख ये हो रहा है कि उन्होंने तुम्हारी कम आमदनी के कारण तुमको कम आँक लिया। तुम्हें ये समस्या नहीं है कि कोई इंसान किसी दूसरे इंसान को किसी आँकड़े के आधार पर कैसे आँक सकता है, तुम्हें समस्या ये है जब तुम्हें आँका जा रहा है तो बहुत छोटा आँका जा रहा है। यही वजह है कि तुम रहते इन्हीं दोस्त, यारों और…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org