एक नाम ऐसा भी

आचार्य प्रशांत: पूछा है कि, कबीर साहब कह गए हैं कि —

कोटि नाम संसार में, तासे मुक्ति ना होए।
आदि नाम जो गुप्त है, बूझे बिरला कोए।।
~ कबीर साहब

तो इसमें किस नाम की बात हो रही है? फिर आगे कहते हैं कि ऐसे ही तुलसीदास कह गए हैं कि “कलयुग बस नाम अधारा।” ये कौन सा गुप्त नाम है जिसके बारे में सन्त जन कह रहे हैं कि कोटि नाम संसार में, तासे मुक्ति ना होए, आदि नाम जो…

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आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant

रचनाकार, वक्ता, वेदांत मर्मज्ञ, IIT-IIM अलुमनस व पूर्व सिविल सेवा अधिकारी | acharyaprashant.org